गुरुवार, 19 जनवरी 2017

वर्ष 2017 में चार चीजें जिन पर भारत को ध्यान देने की है जरूरत

1. अक्षय ऊर्जा पर अधिक ध्यान,
2. गांवों में अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति,
3. राष्ट्रीय पहचान प्रणाली बन चुके आधार के प्रसार और इंटरनेट के अधिक प्रयोग एवं विस्तार पर
भारत को 2017 में ध्यान देना चाहिए।
सुशासन के लिए आंकड़ों का विश्लेषण कर नतीजे निकालने वाले संगठन इंडियास्पेंड का कहना है कि ऊर्जा क्षमता में बढ़ोतरी के लिए अक्षय ऊर्जा पर ध्यान देना चाहिए, ताकि देश की कोयले पर निर्भरता कम हो। भारत का कहना है कि इस साल वह 16 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेगी, जिसे 2022 तक 175 गीगावॉट बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

बिजली मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत की 30 नवंबर 2016 तक कुल ऊर्जा क्षमता 309 गीगावॉट है, जिसका करीब 15 फीसदी अक्षय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त होता है। सितंबर 2015 से सितंबर 2016 के बीच देश भर में 8.5 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए, जबकि इस साल पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता में 15.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 3.7 गीगावॉट से अधिक हो गया। वहीं, सौर ऊर्जा क्षमता में करीब 96 फीसदी की वृद्धि हो गई है और यह 4.2 गीगावॉट है।
आधार कार्ड पर ध्यान देने की भी जरूरत है। अब उत्तरपूर्वी राज्यों में आधार कार्ड बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। साल 2016 तक कुल एक अरब लोगों के आधार कार्ड जारी होने का अनुमान लगाया गया था और यह आंकड़ा अप्रैल में ही पार कर गया। दिसंबर 2016 तक कुल 1.095 अरब आधार कार्ड बन चुके हैं। इनमें से 73.4 फीसदी आधार कार्ड रखने वालों की उम्र 18 साल से अधिक है, जबकि 22.75 फीसदी आधार कार्ड धारकों की उम्र 5 से 18 वर्ष के बीच है।
इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। यह अनुमान लगाया गया था कि जून 2016 तक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 46.2 करोड़ हो जाएगी। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2016 तक देश में 36.75 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें